Tuesday, December 14, 2021

लघुकथा 1 माँ

माँ की ममता 
★★★★★

एक बार एक शहरी परिवार मेले मेँ घूमने गया

मेले मेँ 1 घंटे तक घूमे कि अचानक उनका बेटा मेले में कहीं खो गया.

दोनो पति-पत्नी मेले में बहुत ढूढ़ते है लेकिन लङका नही मिलता है.

लङके कि माँ जोर-जोर से रोने लगती है बाद में पुलिस को सूचना देते है.

आधे घण्टे बाद लड़का मिल जाता है.

लड़के के मिलते ही उसका पति गाँव का टिकिट लेकर
आता है.

और वो सब बस में बैठकर गाँव रवाना हो जाते है.

तभी पत्नी ने पुछा: हम गाँव क्यों जा रहे है अपने घर नही जाना है क्या?

तभी उसका पति बोला:
"तू तेरी औलाद के बिना आधा घण्टा नही रह सकती
तो मेरी माँ गाँव में पिछलें 10 साल से मेरे बिना कैसे
जी रही होगी ?

माँ-बाप का दिल दु:खाकर आजतक कोई सुखी नही हुआ.

प्रस्तुति 
■■ साक्षी 

गुरुबक्षणी निवास स्ट्रीट 5 रविग्राम तेलीबांधा धर्मशाला के सामने रायपुर छग 492006
मोबाइल 8109224468

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